Galwan वैली में चीन और भारत में बढ़ी तनाव

Galwan वैली में चीन और भारत में बढ़ी तनाव

Galwan valley , india-china border पर ITBP ने बढ़ाई पेट्रोलिंग और तैनाती  – अन्‍त: चीन पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी में पीछे हटने के अपने वायदे से पलट गया और चीन ने बातचीत के लिए गये भारतीय सैनिकों पर हमला किया

जिसमे भारत के 20 सैनिक शहीद हो गये है । वही भारत के जबाबी हमले में चीन के 43 सैनिक मारे जाने या घायल होने की खबर आ रही है । इसके कारण दोनों देशों के बीच सीमा पर विवाद बढ़ गया है ।

इसे देखते हुए ITBP  ने भारतीय चीन सीमा पर सभी पोस्‍ट को अर्लट जारी कर दिया है। उत्‍तराखण्‍ड हिमाचल, अरूणाचल, लद्दाख में भी सभी पोस्‍ट को अर्लट जारी कर दिया गया है

तथा भारतीय सेना ने डेमचोक और पैंगोंग इलाके के सीमावर्ती गावों को खाली कराने का निर्देश दिया है तथा मोर्चे पर तैनात होने वाले सैनिको की संख्‍या में इजाफा किया है । वर्तमान समय में इस समय भारतीय सेना और चीनी सेना गलवन घाटी में मुस्‍तैद है।

इस मामले में गुरूवार को भी कमांडर स्‍तर की बातचीत में नहीं निकला हल । समस्‍त प्राप्‍त जानकारी समाचार पत्रो के माध्‍यम से लिया गया है ।

विशेषज्ञों का अनुमान-

विशेषज्ञों का अनुमान है कि गलवन में भारत और चीन के बीच में सीमा विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकलने की संभवाना काफी कम है ।

चीनी अखबार की गीदड़ भभकी से तनाव बढ़ने की प्रबल आंशका

चीन के सत्‍तारूढ़ कम्‍युनिस्‍ट पार्टी के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्‍स ने गीदड़ भभकी देते हुए कहा है कि यदि सीमा पर तनाव बढता है तो भारत को चीन, पाकिस्‍तान और नेपाल के सैन्‍य दबाव का एक साथ सामना करना पड सकता है जिसके कारण भारत चीन सीमा पर तनाव बढ़ने की प्रबल संभावना हो गयी है ।

चीन द्वारा बेबुनियाद दावा

चीन की सेना ने पहले मंगवाल को यह दावा किया कि Galwan उसका हिस्‍सा है और उसके बाद बुधवार को चीन के विदेश मंत्रालय ने यह दावा किया कि यह गलवन हमारा है ।

चीन की ओर से पेश दावे को भारत ने ठुकरा दिया है और चीन को एक टुक जबाब दिया है कि वे अपने दाबे को बढ़ा चढ़ा कर न पेश करे और अपनी सीमा में ही रहे ।

Galwan वैली में चीन और भारत में बढ़ी तनाव
Galwan वैली में चीन और भारत में बढ़ी तनाव

विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍का अनुराग श्रीवास्‍तव ने गलवन क्षेत्र पर चीन के दावे पर कहा कि 6 जून को सीनियर कमांडर के बीच हुई वार्ता में जो सहमति बनी थी उसे लागू किया जाना चाहिए।

चूंकि Galwan ऐतिहासिक तौर पर लद्दाख व संपूर्ण जम्‍मू-कश्‍मीर राज्‍य का हिस्‍सा रहा है। आजादी के बाद से इस क्षेत्र को स्‍वभाविक तौर पर भारत का हिस्‍सा माना गया ।

हिंसक झड़प में तबदील हुए भारत-चीन पर पूरी दुनिया की नजर

भारत सीमा पर बढती तनाव दुनिया की नीद उडा दी है । अभी हाल ही में अमेरिकी राष्‍ट्रपति ट्रंप ने दोनों देशों के बीच में सीमा विवाद को सुलझाने की पेशकी थी।

यदि दोनों देशों के बीच वर्तमान समस्‍या का हल जल्‍दी नही निकला तो एक बहुत बड़ी विनाश पूरे दुनिया को देखने को मिलेगा क्‍यो‍कि भारत अपनी संप्रभुता और अखडता के लिए किसी भी तरीके से चीन के दबाब में आने वाला नही है ।

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अगर चीन गलवन घाटी से अपने सैनिको को नही हटाता है तो उसके इस करस्‍तानी के लिए उसे उसके किये की सजा भुगतनी पड़ सकती है। हंलाकि अभी सीमा पर उपजे विवाद को शांति बनाये रखने के लिए दोनों देशों के बीच आपसी बात-चीत चल रही है ।

दोनो दुनिया के तेजी से बढ़ती अर्थव्‍यवस्‍था के ओर

दोनों के बीच आर्थिक महाशक्ति बनने की प्रतिर्स्‍पधा भी लगातार जारी है । ऐसे में ताकत और बारूद की हल्‍की से भी चिंगारी भड़कती है तो यह पूरी दूनिया के लिए एक समस्‍या बनेगी ।

ऐसे में संयुक्‍त राष्‍ट्र संघ से लेकर संयुक्‍त राज्‍य अमेरिका तक सभी परेशान है । यूनाइटेड नेशन ने दोनों देशों को तनाव कम करने की सलाह दी ।

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा बुलाई गयी सर्वदलीय बैठक (All Party Meeting)  –

इस बीच शाम 5 बजे प्रधानमंती नरेंद्र मोदी ने एक सर्वदलीय बैठक (All Party Meeting) बुलाई है । इस बैठक में अलग-अलग पार्टीयों के अध्‍यक्षों को आमंत्रित किया गया है ।

इसमें सभी पार्टी अध्‍यक्षों को चीन और भारत सीमा विवाद से उपजे कारणों की जानकारी दी जायेगी क्‍योकि सरकार पर विपक्ष द्वारा अनेक सवाल पूछे जा रहे है । हंलाकि सभी विपक्ष इस समय सरकार के साथ खड़े होने की बात कही है।

इस बैठक में कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी, उद्धव ठाकरे, अखिलेश यादव, हेमंत सोरेन, ममता बनर्जी,  चंद्रबाबू नायडू  और अन्‍य ।

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